कह दूँ? डर है कहीं अलफ़ाज़ दगा न कर दे | चुप रहूं? डर है कहीं ख़ामोशी रुस्वा न कर दे || Keh du? Dar hai kahin lafzo-alfaaz daga na kar de Ch…
Shahadat bhi meri, qurbani bhi meri hai Bebas lachar ye zindagani bhi meri hai Aabad e Chaman Ko lahu bhi mera hai Aur Mehfil k beech badzubani bhi m…
जिस दिन मेरी रूह अपनी मौत से रूबरू होगी | मेरे अल्फ़ाज़ों की उन फरिस्तों से इल्तेज़ा होगी | ज़िन्दगी ने तोह हर तरह के ज़ख्म दिए हैं , क्या बादे-मौत, र…
दुआ  याद आई वो दुआ जो मैंने रब से मांगी है |  अपनी ख़ुशी तोह नहीं उसकी ही ख़ुशी मांगी है || आलिम ग़म ना कर, खुश रह, वो खुश है |  उसके चेह…