Ilteza जिस दिन मेरी रूह अपनी मौत से रूबरू होगी | मेरे अल्फ़ाज़ों की उन फरिस्तों से इल्तेज़ा होगी | ज़िन्दगी ने तोह हर तरह के ज़ख्म दिए हैं , क्या बादे-मौत, रूह मेरी, उन दर्द से जुदा होगी || Copy Premium By Eagle Mods Apk With Shroff Templates Join the conversation
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